
केंद्र सरकार ने रसोई गैस के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश 2026’ के तहत अब उन इलाकों में LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी, जहाँ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा पहुँच चुकी है, सरकार ने उपभोक्ताओं को इसके लिए 90 दिनों का समय दिया है।
90 दिन में लेना होगा PNG कनेक्शन
नए नियमों के मुताबिक, यदि आपके क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछ चुकी है और संबंधित गैस कंपनी ने आपको सूचित कर दिया है, तो आपको 90 दिनों (3 महीने) के भीतर PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा, इस समय सीमा के बीत जाने के बाद, संबंधित पते पर मिलने वाला पुराना LPG कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिया जाएगा।
दोहरे कनेक्शन रखने वालों पर गिरेगी गाज
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास वर्तमान में PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना LPG सिलेंडर तुरंत सरेंडर करना होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उपभोक्ता भविष्य में LPG रिफिल बुक नहीं कर पाएंगे। केवल उन विशेष मामलों में LPG की अनुमति होगी जहाँ तकनीकी बाधाओं के कारण पाइपलाइन पहुँचाना संभव न हो। ऐसी स्थिति में गैस कंपनी से ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (NOC) लेना आवश्यक होगा।
हाउसिंग सोसायटियों के लिए कड़े निर्देश
नया नियम केवल व्यक्तिगत उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। हाउसिंग सोसायटियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को भी निर्देश दिया गया है कि वे पाइपलाइन बिछाने के काम में अड़ंगा न डालें। सोसायटियों को पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मात्र 3 कार्य दिवसों के भीतर अनुमति देनी होगी, अन्यथा प्रशासन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में चौबीसों घंटे गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और सिलेंडर के परिवहन में होने वाले खर्च और जोखिम को कम करना है, शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर की बचत कर उन्हें उन ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भेजा जाएगा जहाँ पाइपलाइन बिछाना फिलहाल संभव नहीं है।











