विवाह सीजन में घर में अतिरिक्त रसोई गैस सिलेंडर लेना मुश्किल हो गया है। पेट्रोलियम कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सालाना बुकिंग पर कड़ी पाबंदी लगा दी है। अब एक कनेक्शन पर वित्तीय वर्ष में अधिकतम 15 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें से 12 सब्सिडी वाले हो सकते हैं। महीने में दो सिलेंडर से ज्यादा बुकिंग पर रोक लगी है। 25 दिनों का अंतराल अनिवार्य है। इससे शादी-ब्याह जैसे बड़े आयोजनों में रसोई संकट खड़ा हो गया है।

स्टोरेज नियमों की सख्ती
घर में सिलेंडर रखने की सीमा भी तय कर दी गई है। कानूनी तौर पर केवल दो सिलेंडर ही स्टोर किए जा सकते हैं। एक उपयोग में रहता है और दूसरा स्पेयर। इन्हें खुली हवादार जगह पर रखना जरूरी होता है। इससे ज्यादा सिलेंडर जमा करने पर अग्नि का खतरा बढ़ जाता है। उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। खासकर उत्तर भारत के राज्यों में विवाह भोज के लिए घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल पर सख्त निगरानी है।
क्यों बदले नियम?
सुरक्षा के साथ कालाबाजारी रोकना मुख्य उद्देश्य है। पहले लोग अनौपचारिक तरीके से अतिरिक्त सिलेंडर ले लेते थे। अब डिजिटल सिस्टम से हर बुकिंग का हिसाब रखा जाता है। मोबाइल ऐप पर कोटा चेक होता है। विवाह सीजन में मांग बढ़ने पर वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है। ग्राहक परेशान हैं क्योंकि कैटरिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है। तेल कंपनियां कहती हैं कि ये कदम लंबे समय में सबके हित में हैं।
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बड़े आयोजन के विकल्प
शादी जैसे फ़ंक्शन के लिए घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करना गलत माना जाता है। इसके बजाय कमर्शियल सिलेंडर लेना बेहतर विकल्प है। डबल बॉटल कनेक्शन लेने वालों को बुकिंग सीमा दोगुनी मिलती है। इसके लिए गैस एजेंसी पर आधार कार्ड और सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना पड़ता है। छोटे 5 किग्रा सिलेंडर भी सुविधाजनक साबित हो रहे हैं। कैटरर्स को अपना अलग रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। तेल कंपनी अधिकारियों से लिखित मंजूरी लेना सुरक्षित रहता है।
सुरक्षा टिप्स जरूरी
सिलेंडर धूप या आग से दूर रखें। लीक चेकर हमेशा जांचें। अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह चुनें। MyLPG ऐप से बुकिंग और कोटा ट्रैक करें। पहले से योजना बनाएं ताकि आयोजन बीच में न रुके। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वैकल्पिक इंतजाम समय रहते कर लें। इन नियमों से सुरक्षा मजबूत हुई है लेकिन प्लानिंग की जरूरत बढ़ गई है।











