
देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस कनेक्शन की सुरक्षा को लेकर अहम नियम बनाए गए हैं, इन्हीं में से एक है हर 2 साल में होने वाली अनिवार्य सर्विसिंग (Mandatory Inspection) हालांकि, इसको लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि यह जांच फ्री होती है या इसके लिए कोई शुल्क देना पड़ता है।
क्या है Mandatory Inspection?
गैस एजेंसियों द्वारा समय-समय पर उपभोक्ताओं के घर जाकर गैस पाइप, रेगुलेटर, चूल्हे और सिलेंडर की जांच की जाती है। इसका मकसद गैस लीकेज या किसी भी तरह की दुर्घटना को रोकना होता है, यह निरीक्षण आमतौर पर हर 2 साल में एक बार किया जाता है।
क्या यह सर्विस फ्री होती है?
नाम में ‘Free Inspection’ होने के बावजूद यह पूरी तरह मुफ्त नहीं होती, कई मामलों में एजेंसी विजिट चार्ज या सर्विस शुल्क ले सकती है। यह शुल्क अलग-अलग शहर और एजेंसी के हिसाब से बदल सकता है, जो आमतौर पर ₹50 से ₹200 के बीच होता है।
किन चीजों की होती है जांच?
- गैस पाइप की स्थिति और उसकी एक्सपायरी
- रेगुलेटर का सही तरीके से काम करना
- चूल्हे के बर्नर की स्थिति
- सिलेंडर से गैस लीकेज की जांच
अगर किसी उपकरण में खराबी पाई जाती है, तो उसे बदलने या ठीक कराने की सलाह दी जाती है।
क्या निरीक्षण कराना जरूरी है?
हां, सुरक्षा के लिहाज से यह निरीक्षण बेहद जरूरी माना जाता है, अगर कोई उपभोक्ता लंबे समय तक सर्विसिंग नहीं कराता, तो दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है, कई बार गैस कंपनियां रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए भी यह प्रक्रिया अनिवार्य करती हैं।
ज्यादा चार्ज लेने पर क्या करें?
अगर कोई एजेंसी तय शुल्क से ज्यादा पैसे मांगती है, तो उपभोक्ता इसकी शिकायत कर सकते हैं, इसके लिए संबंधित गैस कंपनी के कस्टमर केयर नंबर या ऑनलाइन पोर्टल का सहारा लिया जा सकता है।
गैस कनेक्शन की सुरक्षा के लिए Mandatory Inspection एक जरूरी प्रक्रिया है, हालांकि यह पूरी तरह फ्री नहीं होती, लेकिन मामूली शुल्क में होने वाली यह जांच आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, इसलिए समय-समय पर सर्विसिंग जरूर कराएं और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।











