
घर में इस्तेमाल होने वाले LPG गैस सिलेंडर पर कई तरह के कोड और नंबर लिखे होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सिलेंडर के ऊपर लिखे A, B, C, D जैसे अक्षर आपकी सुरक्षा से सीधे जुड़े होते हैं, इन कोड्स को समझना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
क्या दर्शाते हैं A, B, C, D कोड
गैस सिलेंडर पर लिखे A, B, C, D अक्षर साल के 4 क्वार्टर (तीन-तीन महीने) को दर्शाते हैं।
- A: जनवरी से मार्च
- B: अप्रैल से जून
- C: जुलाई से सितंबर
- D: अक्टूबर से दिसंबर
इन अक्षरों के साथ एक नंबर भी लिखा होता है, जो उस वर्ष को बताता है जब तक सिलेंडर का टेस्टिंग वैध होता है।
कैसे पढ़ें एक्सपायरी डेट
मान लीजिए किसी सिलेंडर पर “B-26” लिखा है, तो इसका मतलब है कि सिलेंडर की टेस्टिंग जून 2026 तक वैध है। इसके बाद सिलेंडर को दोबारा जांच के लिए भेजा जाना चाहिए।
सुरक्षा के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी
एक्सपायरी डेट के बाद सिलेंडर का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। समय-समय पर टेस्टिंग न होने से गैस लीकेज या दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सिलेंडर लेते समय हमेशा इस कोड को जरूर चेक करें।
सिलेंडर लेते समय रखें इन बातों का ध्यान
गैस सिलेंडर लेते समय उसकी सील सही होनी चाहिए और किसी भी तरह की लीकेज नहीं होनी चाहिए। साथ ही, सिलेंडर पर लिखी एक्सपायरी डेट (कोड) जरूर देखें और सुनिश्चित करें कि वह वैध हो।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
कई बार लोग जल्दबाजी में बिना जांचे सिलेंडर ले लेते हैं, जो आगे चलकर खतरे का कारण बन सकता है, छोटी सी सावधानी आपको बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलेंडर से जुड़ी इस जानकारी को हर उपभोक्ता तक पहुंचना चाहिए, ताकि घर में सुरक्षा बनी रहे और किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।











